नई दिल्ली, 21 मार्च। दिल्ली पुलिस ने बताया कि रोहित गोदारा-जितेंद्र गोगी गैंग से जुड़े एक मुख्य आरोपी और शार्पशूटर को गुड़गांव के नाइटक्लबों पर ग्रेनेड हमले के मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान करमवीर उर्फ काजू (38) के रूप में की है और बताया कि उसे 11 मार्च को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी कई राज्यों में लंबे समय तक पीछा करने के बाद हुई।
पुलिस उपायुक्त (स्पेशल सेल) नारा चैतन्य ने बताया कि करमवीर पर दिसम्बर 2024 में गुड़गांव के दो क्लबों पर हुए ग्रेनेड हमले में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। यह हमला कथित तौर पर व्यापारियों से रंगदारी वसूलने की एक साज़िश के तहत किया गया था। उन्होंने बताया कि इस हमले की साज़िश विदेश में बैठे गैंगस्टरों रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के इशारे पर रची गई थी। बाद में इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत अपने हाथ में ले ली थी।
पुलिस के अनुसार, हरियाणा के झज्जर का रहने वाला करमवीर, गोदारा का कथित तौर पर करीबी सहयोगी है। दिल्ली और हरियाणा में उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, करमवीर को जून 2024 में हत्या के एक मामले में अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद उसने आत्मसमर्पण नहीं किया। मई 2025 में उसे ‘घोषित अपराधी’ घोषित कर दिया गया था और तब से वह फरार चल रहा था। इस दौरान, उसने कथित तौर पर बार-बार अपनी जगह बदली; वह लगभग एक साल तक नेपाल में भी छिपा रहा और सितंबर 2025 में भारत लौटा।
खुफिया जानकारी के आधार पर, इंस्पेक्टर नीरज कुमार के नेतृत्व में स्पेशल सेल की एक टीम ने हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों में उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी। अधिकारी ने बताया कि उसे राजस्थान के कोटपुतली में नेशनल हाईवे – 8 के किनारे स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया। उस समय वह एक हुंडई वेन्यू कार में सफर कर रहा था। पुलिस ने बताया कि उन्होंने उसके पास से एक नकली पासपोर्ट, दो जाली आधार कार्ड और एक नकली वोटर आईडी बरामद की है। करमवीर कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाने के लिए इन दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था। अधिकारियों ने बताया कि वह कुछ और आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के बाद विदेश भागने की फिराक में था।





