नई दिल्ली, 12 अप्रैल। बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मार्च तक नालों से लगभग 14 लाख मीट्रिक टन गाद हटा दी थी।
मंत्री बारापुला नाले पर मानसून से पहले होने वाले गाद हटाने के काम का जायजा ले रहे थे, जिसे सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा किया जा रहा था।सिंह ने कहा, “पहले दिन से ही, हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि नालों से गाद हटाने का काम ठीक से हो। इस साल हम गाद हटाने के अपने लक्ष्य को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।” उन्होंने कहा, “पिछले साल, हमने सभी नालों से लगभग 20 लाख मीट्रिक टन गाद हटाई थी। इस साल, हमारा लक्ष्य 28 लाख मीट्रिक टन गाद हटाना है।” इस साल के लिए तय लक्ष्य का 50 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है, और बाकी गाद आने वाले दिनों में हटा दी जाएगी।
मानसून के करीब आते ही दिल्ली के लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शनिवार सुबह राजधानी की प्रमुख सड़कों पर जाकर तैयारियों का जमीनी जायजा लिया। ‘गवर्नमेंट ऑन व्हील्स’ पहल के तहत दक्षिण दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हुए इस निरीक्षण में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश सीधी है, समस्या को पहले पहचानो, उसे तुरंत ठीक करो, ताकि बाद में लोगों को परेशानी न हो। जैसे-जैसे मानसून नजदीक आ रहा है, फोकस इस बात पर है कि तैयारियां ज़मीन पर मजबूती से दिखें, खासकर तब, जब पहली तेज बारिश हो। मंत्री ने निरीक्षण के दौरान कहा कि जब आप खुद इन जगहों पर आते हैं, तो स्थिति साफ दिखती है। कहां सुधार हुआ है, कहां काम धीमा है और कहां बारिश के समय दिक्कत आ सकती है. यह सब जमान पर उतर कर ही समझ में आता है. यह दौरा चलते-फिरते एक एक व्यापक समीक्षा में बदल गया, जहां हर अहम बिंदु को मौके पर देखा र समझा गया.व्यापक समीक्षा में बदल गया, जहां हर अहम बिंदु को मौके पर देखा और समझा गया।
एक दिन पहले, मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी विभागों को 30 जून तक गाद हटाने का काम पूरा करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि हटाई गई गाद को तय जगहों पर पहुंचाया जाए।





