तेहरान, 2 मार्च। इज़राइल ने ईरानी हमलों से जुड़ी जानकारी पर कड़ी पाबंदी लगा रखी है, लेकिन तेहरान, दक्षिण ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मिनाब शहर और अन्य कई इलाकों में अमेरिका-इजरायल के हमलों से हुए नुकसान इतने व्यापक हैं कि उन्हें छिपाया नहीं जा सका। मुड़ी-तुड़ी गाड़ियां और टूटा हुआ कंक्रीट हर तरफ दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि मरने वालों में से अधिकतर लोग बम शेल्टर में छिपे हुए थे।ईरान का कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई हाल ही में तेहरान पर हुए हमलों हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खाईमैनी और लगभग 40 वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों की मौत हो गई।
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अज्ञात स्थान से संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के दुश्मनों को निराशा के सिवा कुछ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल को समझ लेना चाहिए कि यह कदम उनके लिए केवल शर्म ही लाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर दुश्मनों की साजिशों को नाकाम करें।
ईरान में जहां कुछ लोग अयातुल्लाह की मौत पर खुशी मना रहे हैं, वहीं कई लोग शोक भी मना रहे हैं। काले कपड़ों में हजारों लोग तेहरान के में इकट्ठा हुए। लोगों ने अपने दुख और सदमे को व्यक्त किया।
एक व्यक्ति ने कहा, “हम रात से सुबह तक कहते रहे कि यह झूठ है, लेकिन दुर्भाग्य से यह सच था। हमने अपने सबसे प्रिय व्यक्ति, अपने बुज़ुर्ग और अपने मार्गदर्शक को खो दिया।”
मिनाब में एक स्कूल पर शनिवार को हुए हमले के बाद राहतकर्मी पूरी रात मलबा हटाते रहे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यहाँ कम से कम 165 लोग, जिनमें अधिकतर स्कूली छात्राएं थीं, मारे गए।
अमेरिका और इज़राइल शासन परिवर्तन चाहते हैं, लेकिन ईरानी सरकार सत्ता के खालीपन को रोकने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। एक अंतरिम नेतृत्व परिषद का गठन किया गया है, जिसमें वरिष्ठ धर्मगुरु अलीरेजा आरफी भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य नए सर्वोच्च नेता के चुने जाने तक देश में स्थिरता बनाए रखना है।





